(Last Updated On: 10/06/2018)

Jee nahi karta…!!

 

जी नहीं करता
कुछ दिनों से कुछ करने को जी नहीं करता
फिर से टूटने को जी नहीं करता
रात को सोने का जी नहीं करता
गलती से अगर सो भी जाउ तो
उठने को जी नहीं करता
JEE NAHI KARTA
बस कुछ दिनों से कुछ करने को जी नहीं करता
तुम्हें वापस पाने को दिल नहीं करता
तुम अगर कभी आ भी जाती हो तो
तुम्हारे साथ आने वाले गम को रख कर तुमसे अलग होने का जी नहीं करता
तुम रहती हो तो किसी से मिलने को जी नहीं करता
तुम नहीं रहती हो तो खुद के साथ रहने को जी नहीं करता ..!
बस कुछ दिनो से कुछ करने को जी नहीं करता
तुम साथ होती हो तो गिटार को छोड़ने का मन नहीं करता
तुम नहीं होती तो गाने का मन नहीं करता
आदत हो तुम ..! ये नशा सही नहीं पर सुधरने को
जी नहीं करता ..!
बस तुम फिर पहले जैसी बन जाओ
क्युकि तुम्हारे बिना खुद को खुद बने रहने का मन नहीं करता.. !

1 thought on “JEE NAHI KARTA”

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